30 सितंबर को Google DeepMind ने Gemini 4 Argon पेश किया — यह Gemini 4 परिवार का पहला मॉडल है (Google की घोषणा)। कंपनी के मुताबिक इसे "लंबे और कई चरणों में चलने वाले जटिल कामों में गहरी Reasoning बनाए रखने के लिए" बनाया गया है। फिलहाल यह किसी के लिए भी सीधे उपलब्ध नहीं है — Google पहले इसे चुनिंदा साइबर सुरक्षा संगठनों को दे रहा है।
Google ने क्या बताया
- नई पीढ़ी, नया नाम। Argon पहला Gemini 4 मॉडल है। पुराने "Pro" और "Flash" लेबल की जगह अब नई नामकरण शैली है। 9to5Google के मुताबिक Gemini 3.5 Pro की योजना रद्द हुई और सीधे Gemini 4 Argon आया।
- किन कामों के लिए। Software Engineering, Finance, Law, Cybersecurity और Creative Writing — Google का कहना है कि यह लंबे, बहु-चरणीय कामों में लगातार काम कर सकता है।
- चरणबद्ध रिलीज़। पहले Fairwind Program के Cyber Defenders, फिर Paid API ग्राहक और Google AI Ultra Subscribers, उसके बाद Developers, Enterprises और सभी यूजर। तारीख अभी तय नहीं है।
- कीमत। शुरुआत में प्रति दस लाख Input Tokens 10। Cached Input पर 95% छूट। Introductory Period के बाद 20।
Google के अंदर क्या हो रहा है
Google का कहना है कि हज़ारों Googlers पहले से Argon का इस्तेमाल कर रहे हैं:
- Quantum Computing: Argon ने एक Quantum Algorithm के Subroutine को "कुछ ही मिनटों में" Published Benchmark से 40% बेहतर बना दिया।
- Data Centers: Argon Agents ने Memory Optimization के मौके ढूंढे — अब तक 300 TiB मेमोरी मुक्त हुई है; कुल अनुमान 500 TiB से 1 PiB तक है।
- Safer Code: Google अपना C और C++ कोड Rust में बदल रहा है, एक ऐसी भाषा जो Memory से जुड़े कई बग रोकती है। इसमें Fuchsia Zircon Kernel की 8 लाख से ज़्यादा लाइनें भी हैं। हर बदलाव से पहले Automated और Manual Testing होती है।
- तेज़ Video: libgav1 (Google का Open Source Video Decoder) में Argon ने 32,000 लाइन के SIMD Code को Rust में बदला। नया Version पहले के Rust Port से 2.7 गुना तेज़ चला, Video Output बिल्कुल वही रहा।
Benchmarks में कहाँ खड़ा है
| Test | क्या मापता है | Argon |
|---|---|---|
| DeepSWE v1.1 | वास्तविक दुनिया के लंबे Software Engineering Tasks | 77.9% (Claude Opus 5.5: 74.2%, GPT-6 Astra: 74.1%) |
| AutomationBench (Zapier) | Business Tasks शुरू से अंत तक | 51.3%, पहला स्थान |
| LVBench | लंबे Videos को समझना | 91.7%, अब तक सबसे अच्छा |
| CWE-bench v1 | Security Bugs ठीक करना | 68%, पहले स्थान पर बराबरी |
| Vals Index | Finance, Coding, Legal और Tax Tasks | पहला स्थान, Google के मुताबिक |
| Artificial Analysis Index | 10 Tests का स्वतंत्र मिश्रण | 53, तुलनीय मॉडलों का Median 26 |
ये ज़्यादातर Google के अपने नंबर हैं। Artificial Analysis ने Argon को Leading Models में रखा है। Engadget की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती कीमत पर Argon, GPT-6 Astra के मुकाबले करीब 60% कम लागत में वही काम करता है, और Leading Models में इसकी Hallucination Rate सबसे कम — 15% — है।
Argon अलग क्यों है
1. दस लाख Token का जवाब
AI Models Tokens में पढ़ते-लिखते हैं — शब्द या उनके टुकड़े। दो सीमाएँ अहम हैं: Context Window (मॉडल एक बार में कितना पढ़ सकता है) और Output Limit (एक जवाब में कितना लिख सकता है)। Argon की Output Limit पहले की 64,000 Tokens से बढ़कर 10 लाख हो गई है। Engadget के मुताबिक GPT-6 Astra की सीमा 1,28,000 Tokens है।
इतनी लंबी Limit क्यों? Reasoning Models काम करने से पहले अपनी सोच लिखते हैं, और बड़े काम — जैसे पूरे Codebase को Rewrite करना — बहुत ज़्यादा Text बनाते हैं। Google के शब्दों में: "जब Model के पास सोचने की जगह हो, तो Reasoning और गहरी होती है।" हाँ, लंबे जवाब ज़्यादा महँगे भी होते हैं — Model जो भी लिखता है वह KV Cache में तब तक रहता है जब तक जवाब पूरा न हो।
2. साइबर Defenders को पहले मिलेगा
Google ने Argon को "Software की सुरक्षा खामियाँ खुद ढूंढने, जाँचने और ठीक करने" के लिए तैयार किया है। लेकिन यही काम हमलावर भी कर सकते हैं — इसलिए Google Defenders को पहले आगे बढ़ने का मौका दे रहा है।
Argon पहले Fairwind Program के 650 से ज़्यादा भरोसेमंद संगठनों को मिलेगा: सरकारें, अस्पताल, Telecom, Energy और Banking Networks, बड़े Software Platforms। सिर्फ उनकी Security Teams इसे Strict Login के पीछे इस्तेमाल कर सकती हैं। इन्हें Argon "बिना Cyber Guardrails" के मिलेगा — यानी इसकी पूरी Security क्षमता उपलब्ध होगी।
Wiz अपनी "Scan for Good" पहल के तहत Argon का इस्तेमाल कर रही है — इसका उद्देश्य Public Infrastructure की खामियाँ ढूंढना और ठीक करना है। एक शुरुआती Test में Argon ने Healthcare Software में एक गंभीर खामी पकड़ी जो दुनिया भर के अस्पतालों में मरीज़ों की जानकारी लीक होने का जोखिम पैदा कर रही थी — पिछले मॉडल इसे नहीं पकड़ पाए थे।
3. Google देखता है कि Model क्या सोच रहा है
Reasoning Models काम करते वक्त पहले अपनी सोच लिखते हैं — इसे Chain of Thought कहते हैं। Google कहता है कि वह इसे देखता है और अगर Model तय सीमा से बाहर जाने लगे तो रोक देता है। Prompt Injection — यानी किसी Document या Webpage में छिपे निर्देशों से AI को भटकाने की कोशिश — से बचाव भी किया गया है।
एक ज़रूरी बात: Google ने यह सुनिश्चित किया कि निगरानी में जो मिला उसे Training में वापस नहीं डाला गया — ताकि Model अपनी सोच छिपाना न सीखे। Google ने दूसरी AI कंपनियों से भी "Reasoning Transparency बनाए रखने" की अपील की है।
4. फिलहाल सबसे सस्ता Frontier Model
शुरुआती कीमत 10 पर Argon, GPT-6 Astra (50) का पाँचवाँ हिस्सा है। Introductory Period के बाद कीमत 20 हो जाएगी।
आगे क्या देखना है
- सबके लिए कब। Developers और आम यूजर के लिए Google ने कोई तारीख नहीं दी।
- बाहरी जाँच। अभी ज़्यादातर नंबर Google के हैं। स्वतंत्र Tests आने बाकी हैं।
- Guardrail-Free Version। बाहरी संगठनों को बिना Cyber Limits के मॉडल देना बड़ी ज़िम्मेदारी है — यह कितना सुरक्षित रहता है, यह देखना होगा।
- लंबे जवाब की लागत। ज़्यादा Tokens का मतलब ज़्यादा खर्च और ज़्यादा समय — कम कीमत पर भी।
Gemini, Google के दूसरे AI Products से कैसे जुड़ता है, यह हमारे गाइड Google's AI Stack में पढ़ें।
